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Diwali 2022 : नरक चतुर्दशी में भुल से भी न करे ये काम !!

इस बार धनतेरस दो दिनों तक मनाया जा रहा है। इसके पहले ही दिन शनिवार के दिन शहर का घर और प्रांगण दीपों से जगमगा उठा

PUBLISHED By -LISHA DHIGE

Diwali 2022 ।। दिवाली को लेकर देशभर में लोगों में उत्साह और उत्साह है। सभी तैयारियों में लगे हैं। ऐसा ही नजारा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है। इस बार धनतेरस दो दिनों तक मनाया जा रहा है। इसके पहले ही दिन शनिवार के दिन शहर का घर और प्रांगण दीपों से जगमगा उठा। पूजा की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत कल धनतेरस से हो गई है।

There is enthusiasm and enthusiasm among people across the country regarding Diwali. Everyone is busy in preparations. A similar view is of Bhopal, the capital of Madhya Pradesh. This time Dhanteras is being celebrated for two days. On the very first day, on Saturday, the house and courtyard of the city lit up with lamps. The preparations for the puja have also been completed. The five-day festival has started with Dhanteras yesterday

photo-@socialmedia

रविवार को रूप चतुर्दशी मनाई जाएगी। ऐसा माना जाता है कि नरक चतुर्दशी के दिन, भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस की कैद से 16,008 रानियों को मुक्त किया था। इस दिन को छोटी दीपावली भी कहा जाता है। इस दिन शाम के समय खरीदारी करना शुभ रहेगा। सोमवार को दिवाली है। 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण है। 26 अक्टूबर को अन्नकूट महोत्सव और 27 अक्टूबर को भाई दूज और यम द्वितीया उत्सव मनाया जाएगा।

Roop Chaturdashi will be celebrated on Sunday. It is believed that on the day of Naraka Chaturdashi, Lord Krishna freed 16,008 queens from the captivity of a demon named Narakasura. This day is also called Choti Deepawali. On this day, shopping in the evening will be auspicious. Diwali is on Monday. There is a solar eclipse on 25 October. Annakoot Mahotsav will be celebrated on 26 October and Bhai Dooj and Yama Dwitiya festival on 27 October.

रूप चतुर्दशी के अवसर पर पंडित रामजीवन दुबे कहते हैं कि इस दिन प्रातः काल मलवा डालकर जल में गंगाजल और अपामार्ग डालकर उस जल से स्नान करें। स्नान के बाद अपने पूर्वजों को तर्पण करें। ऐसा करने से रूप और सुंदरता में वृद्धि होती है और व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने कहा कि यमराज की प्रसन्नता के लिए शाम के समय घर के दरवाजे के पास दाहिनी ओर गेहूं का ढेर लगाएं और चौमुखी दीपक जलाएं. ऐसा करने से पूरे परिवार को लंबी उम्र और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। रोग और कष्ट जैसे विकार दूर होंगे

On the occasion of Roop Chaturdashi, Pandit Ramjeevan Dubey says that on this day in the morning pour the rubble and pour Gangajal and Apamarg in the water and take a bath with that water. After bath, offer tarpan to your ancestors. Doing so enhances appearance and beauty and develops personality. He said that for the happiness of Yamraj, put a heap of wheat on the right side near the door of the house in the evening and light a four-faced lamp. By doing this, the whole family gets long life and health. Disorders like disease and suffering will be removed

गोधूलि बेला में करें बजरंग बली के दर्शन

पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार रविवार के दिन रूप चतुर्दशी में शाम के समय हनुमान जी के दर्शन करें. इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

According to Pandit Jagdish Sharma, visit Hanuman ji in the evening on Roop Chaturdashi on Sunday. With this all the wishes are fulfilled.

भगवान वामन और राजा बलि का करें स्मरण

रूप चौदस या नरक चतुर्दशी के दिन भगवान वामन और राजा बलि का स्मरण करना चाहिए। साथ ही उनकी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में मां लक्ष्मी का स्थायी रूप में आगमन होता है।

Lord Vamana and King Bali should be remembered on the day of Roop Chaudas or Naraka Chaturdashi. Also they should be worshipped. By doing this, Maa Lakshmi arrives in your house in a permanent form.

bulandmedia

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