Jannah Theme License is not validated, Go to the theme options page to validate the license, You need a single license for each domain name.
spritual

Surya Grahan – जानिये किस राशि में होगा असर !!

सूर्य ग्रहण 2022 : बन रहे हैं महाभारत काल जैसे अशुभ संयोग, जानें किस राशि पर क्या होगा असर

PUBLISHED By -LISHA DHIGE

Surya Grahan –एक पखवाड़े के भीतर दो ग्रहण लगना दुनिया के लिए शुभ नहीं है। महाभारत काल में भी 15 दिनों में दो सूर्य ग्रहण लगे थे। उस समय भीषण युद्ध हुआ था जिसमें लाखों लोग मारे गए थे। ये बातें पं. शिवपूजन चतुर्वेदी। वे गुरुवार को वैदिक एजुकेशनल रिसर्च सोसाइटी द्वारा आकाशीय परिघटनाओं के प्रभावों पर चर्चा के लिए आयोजित एक चर्चा की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय भी दुनिया में हर जगह तनाव है. विश्व विश्व युद्ध के कगार पर खड़ा है। मानवता गंभीर संकट में है। दुनिया में लोग अभाव, भूख और तीव्र शारीरिक-मानसिक तनाव से पीड़ित हैं। कोई उपाय समझ में नहीं आता। ऐसे में मानव ज्ञान के दूसरे स्रोत वेदों की शरण लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि वेदों में महान विनाश और बुराई को रोकने के लिए अचूक मंत्र और यज्ञों के नियम हैं। इन्हें अपनाकर संसार को बचाया जा सकता है।

It is not auspicious for the world to have two eclipses within a fortnight. In the Mahabharata period also there were two solar eclipses in 15 days. At that time there was a fierce battle in which lakhs of people were killed. These things Pt. Shivpujan Chaturvedi. He was presiding over a discussion organized by the Vedic Educational Research Society on Thursday to discuss the effects of celestial phenomena. He said that even at this time there is tension everywhere in the world serious trouble. People in the world are suffering from deprivation, hunger and intense physical-mental stress. I don’t understand any solution. In such a situation, there is no other way but to take refuge in the Vedas, another source of human knowledge. He said that the Vedas contain the rules of infallible mantras and yagyas to prevent great destruction and evil. By adopting them the world can be saved.

photo-@socialmedia

विशिष्ट अतिथि बीएचयू के संस्कृत विद्या और धर्म विज्ञान संकाय के पूर्व अध्यक्ष प्रो. चंद्र पांडेय ने महान शक्तियों से घृणा और युद्ध का रास्ता छोड़कर वेदों की शरण लेने का आह्वान किया। फैकल्टी प्रो. रामजीवन मिश्र ने कहा कि काशी के विद्वान वैदिक धर्म का पालन करते हुए यज्ञों के माध्यम से प्रकृति में उत्पन्न विघ्नों को शांत करने का प्रयास करें।

The special guest was the former chairman of the Faculty of Sanskrit Vidya and Dharma Vigyan of BHU, Prof. Chandra Pandey called upon the great powers to leave the path of hatred and war and take refuge in the Vedas. Faculty Prof. Ramjivan Mishra said that the scholars of Kashi, following the Vedic religion, should try to pacify the obstacles arising in nature through yagyas.

काशी में सूर्यग्रहण काल: 25 अक्टूबर 

.स्पर्श: शाम 04:42 बजे  
-मध्यकाल: शाम 05: 02 बजे
-मोक्षकाल: शाम 05: 22 बजे
-सूर्यास्त: शाम 05: 37 बजे
-सूर्यग्रहण सूर्यास्त से 15 मिनट पूर्व समाप्त हो जाएगा
-सूर्यग्रहण की सम्पूर्ण अवधि 7 घंटा 5 मिनट है किन्तु काशी में सम्पूर्ण सूर्यग्रहण 40 मिनट का है
-8 नवम्बर को खग्रास चंद्रग्रहण दृश्य होगा

Touch: 04:42 PM
Mid Time: 05:02 PM
Mokshakal: 05:22 PM
Sunset: 05:37 PM
Solar eclipse will end 15 minutes before sunset
The total duration of the solar eclipse is 7 hours 5 minutes but the total solar eclipse in Kashi is 40 minutes.

ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

इस वर्ष तुला राशि पर सूर्यग्रहण है। विभिन्न राशियों पर प्रभाव इस प्रकार होंगे। मेष राशि: स्त्री पीड़ा, वृष: सौख्य, मिथुन: चिन्ता, कर्क: व्यथा, सिंह: श्रीप्राप्ति, कन्या: क्षति, तुला: घात, वृश्चिक: हानि , धनु:  लाभ, मकर: सुख, कुम्भ: माननाश, मीन: मृत्यतुल्य कष्ट।

There is a solar eclipse on Libra this year. The effects on different zodiac signs will be as follows. Aries: Female Anxiety, Taurus: Soukhya, Gemini: Anxiety, Cancer: Anxiety, Leo: Success, Virgo: Damage, Libra: Ambush, Scorpio: Loss, Sagittarius: Gain, Capricorn: Happiness, Aquarius: Manaash, Pisces: Deathlike Suffering

कब लगेगा सूतक

इस बार 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लग रहा है। सूर्य ग्रहण शाम 4:42 बजे से 5:22 बजे तक रहेगा। इससे 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा। यानी 24 अक्टूबर से ही सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं।

There is a solar eclipse on Libra this year. The effects on different zodiac signs will be as follows. Aries: Female Anxiety, Taurus: Soukhya, Gemini: Anxiety, Cancer: Anxiety, Leo: Success, Virgo: Damage, Libra: Ambush, Scorpio: Loss, Sagittarius: Gain, Capricorn: Happiness, Aquarius: Manaash, Pisces: Deathlike Suffering

26 गोर्धवन पूजा, 27 को चित्रगुप्त पूजा व भाई दूज

पंडित रमेशचंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि काशी पंचांग के अनुसार सूतक रहने के कारण 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा है। एक दिन बाद 27 अक्तूबर को चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि का प्रवेश 26 अक्तूबर को दोपहर 02:42 बजे प्रवेश हो रहा है जो कि अगले दिन 27 की दोपहर 12:45 तक रहेगा। इसलिए 27 को चित्रगुप्त पूजा मनाना उचित रहेगा।

Pandit Rameshchandra Tripathi explains that according to the Kashi Panchang, due to being a Sutak, there is Govardhan Puja on 26 October. A day later, on October 27, Chitragupta Puja and Bhai Dooj will be celebrated. According to the Panchang, the entry of Dwitiya Tithi is going on 26 October at 02:42 pm, which will remain till 12:45 pm on the next day 27. Therefore, it would be appropriate to celebrate Chitragupta Puja on 27th.

bulandmedia

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button