छत्तीसगढ़ में UCC पर बड़ा बयान: आदिवासी समाज को दायरे से बाहर रखने की बात, जानिए क्या है पूरा मामला

रायपुर, 8 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी UCC (Uniform Civil Code) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय को UCC के दायरे से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने इसके पीछे आदिवासी समाज की पारंपरिक जीवनशैली, रीति-रिवाज और परंपराओं को प्रमुख कारण बताया।

आदिवासी परंपराओं को लेकर सरकार का रुख
विजय शर्मा के बयान के अनुसार आदिवासी समाज का जीवन लंबे समय से अपनी पारंपरिक व्यवस्थाओं और रीति-रिवाजों पर आधारित रहा है। ऐसे में उनकी विशिष्ट सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए ST समुदाय को UCC के दायरे से बाहर रखने की बात कही गई है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब छत्तीसगढ़ सरकार UCC को लेकर व्यापक प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
अभी UCC लागू नहीं हुआ है
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि छत्तीसगढ़ में अभी UCC लागू नहीं हुआ है। राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने और इसकी व्यवहार्यता पर सुझाव देने के लिए सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को कानून से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जुलाई में कहा था कि सरकार आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में UCC विधेयक पेश करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
जनता से मांगी जा रही राय
UCC को लेकर राज्य में सार्वजनिक परामर्श की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। नागरिकों और संबंधित पक्षों से प्रस्तावित कानून पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 तक फीडबैक देने की समयसीमा रखी गई है।
UCC का संबंध मुख्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और अन्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े नागरिक मामलों से है।
आदिवासी समुदाय को लेकर पहले भी सामने आ चुका है बयान
आदिवासी समुदायों पर UCC के संभावित प्रभाव को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई है। मई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि UCC आदिवासियों के अधिकारों, रीति-रिवाजों और परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
छत्तीसगढ़ में अब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का ताजा बयान इसी मुद्दे को राज्य के संदर्भ में सामने लाता है।

आगे क्या होगा?
फिलहाल UCC को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति समिति की सिफारिशों, प्रस्तावित मसौदे और उसके बाद होने वाली विधायी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ में UCC का अंतिम स्वरूप तय हो चुका है।
सार: छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सरकार ने मसौदा तैयार करने के लिए समिति बनाई है और जनता से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। इसी बीच डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा है कि ST समुदाय को UCC के दायरे से बाहर रखा जाएगा, ताकि उनकी पारंपरिक रीति-रिवाज और जीवन-पद्धति प्रभावित न हों।

