मैनपाट के 12 राशन दुकान संचालकों पर FIR के निर्देश, जून की खाद्यान्न राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन में वित्तीय लापरवाही के मामले में खाद्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जून 2026 की खाद्यान्न राशि निर्धारित समय पर जमा नहीं करने वाले 12 उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में FIR दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा ने 17 अगस्त 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से मैनपाट के खाद्य निरीक्षक गौर सिंह जात्रे को संबंधित दुकान संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर FIR दर्ज कराने और इसकी रिपोर्ट दो दिन के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

10 तारीख तक जमा करनी होती है राशि
विभागीय व्यवस्था के तहत नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा हर महीने शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इसके एवज में संबंधित दुकानदारों को भंडारित खाद्यान्न की निर्धारित राशि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जमा करनी होती है।
लेकिन मैनपाट क्षेत्र की 12 उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने जून 2026 की डीडी राशि अब तक जमा नहीं की है। विभागीय पत्र में इसे गंभीर वित्तीय लापरवाही मानते हुए FIR की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इन दुकानों पर होगी कार्रवाई
जिन उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ FIR के निर्देश दिए गए हैं, उनमें कुनिया, रोपाखार, सुपलगा, केसरा, खड़गांव, जामढोदी, कोटछाल, कुदारधि, कलजीवा, पथराई, कुनकुरीखुर्द और नर्मदापुर शामिल हैं।
विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक इन दुकानों पर जून माह की बकाया राशि इस प्रकार है—
- कुनिया — 16,104.62
- रोपाखार — 22,993.79
- सुपलगा — 13,886.47
- केसरा — 16,978.20
- खड़गांव — 17,855.49
- जामढोदी — 14,823.88
- कोटछाल — 20,563.50
- कुदारधि — 11,547.23
- कलजीवा — 12,578.35
- पथराई — 24,088.28
- कुनकुरीखुर्द — 6,457.62
- नर्मदापुर — 19,955.55
दो दिन में मांगा पालन प्रतिवेदन
खाद्य शाखा ने खाद्य निरीक्षक गौर सिंह जात्रे को निर्देश दिया है कि सभी 12 दुकान संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में FIR दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन दो दिवस के भीतर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मैनपाट क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि जमा करने और वित्तीय अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ने के संकेत हैं।







