धमतरी में शिक्षकों की कमी पर स्कूल में तालाबंदी, बारिश के बीच पालकों का प्रदर्शन

धमतरी। जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर पालकों और ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है। धमतरी के बेंद्रानवागांव स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में शिक्षकों की कमी की मांग को लेकर पालकों ने स्कूल में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। बारिश के बीच भी पालक अपनी मांगों को लेकर स्कूल के बाहर डटे रहे।
पालकों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लंबे समय से शिक्षकों की व्यवस्था की मांग किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई। इसी के चलते पालकों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान बारिश भी पालकों के हौसले को नहीं तोड़ सकी। वे स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की मांग पर अड़े रहे। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के स्तर पर मामले को लेकर बातचीत की गई।
धमतरी जिले में शिक्षकों की कमी को लेकर इससे पहले भी स्कूलों में तालाबंदी और प्रदर्शन के मामले सामने आ चुके हैं। जून 2025 में लोहरसी हाई स्कूल में भी पालकों और शाला विकास समिति ने शिक्षण व्यवस्था को लेकर स्कूल में तालाबंदी कर करीब पांच घंटे तक धरना दिया था। उस मामले में पालकों ने गणित विषय के शिक्षण और परीक्षा परिणाम को लेकर शिकायत की थी तथा शिक्षा अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया था।
इसी तरह धमतरी के शंकरदाह स्थित शासकीय माध्यमिक स्कूल में भी जुलाई 2025 में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और पालकों ने स्कूल में ताला लगाकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान पालकों ने गणित, भौतिकी, संस्कृत और कॉमर्स जैसे विषयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था, जबकि शिक्षा विभाग ने कमी दूर करने का आश्वासन दिया था।
धमतरी में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पालकों की मुख्य चिंता यह है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक भविष्य पर पड़ सकता है। ऐसे में शिक्षा विभाग के सामने चुनौती है कि जिन स्कूलों में शिक्षक कम हैं, वहां जल्द वैकल्पिक या स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।







