कवर्धा में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश

एक महीने में 12.50 लाख रुपये के जाली नोट छापने का आरोप, प्रिंटर-स्कैनर समेत सामग्री जब्त
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 12.50 लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर यह पूरा नेटवर्क महज एक महीने के भीतर बड़ी मात्रा में नकली नोट तैयार कर बाजार में खपाने की तैयारी में था।

प्रिंटर और स्कैनर भी जब्त
पुलिस कार्रवाई में जाली नोटों के अलावा नोट तैयार करने में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रिंटर, स्कैनर, विशेष कागज और अन्य सामग्री भी जब्त किए गए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस गिरोह के काम करने के तरीके और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है।
गुप्त सूचना पर दबिश
बताया गया है कि पुलिस को गिरोह के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में जाली नोट और नोट छापने से संबंधित उपकरण बरामद होने की बात सामने आई है।
बाजार में खपाने की थी तैयारी
पुलिस को आशंका है कि आरोपियों की योजना तैयार किए गए जाली नोटों को बाजार में चलाने की थी। यदि इतनी बड़ी मात्रा में नकली मुद्रा बाजार में पहुंचती, तो इसका असर आम लोगों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता था।
अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के तार कवर्धा के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों अथवा पड़ोसी राज्यों से जुड़े हैं या नहीं। साथ ही कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की आगे की जांच में नकली नोटों की सप्लाई, नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और बाजार में इनके इस्तेमाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।





