CGPSC पेपर लीक मामले में पूर्व सचिव को हाईकोर्ट से झटका, जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज

बिलासपुर/रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में कथित परीक्षा पेपर लीक मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व सचिव की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्नपत्र उनके बेटे तक पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में आरोपी पक्ष को बड़ा कानूनी झटका लगा है।
पूर्व अधिकारी पर क्या है आरोप?
मामले में पूर्व CGPSC सचिव पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी अपने बेटे तक पहुंचाई। इसी आरोप के आधार पर उनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।
जीवन किशोर ध्रुव CGPSC के पूर्व सचिव और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2021 के कथित प्रश्नपत्र लीक/भर्ती अनियमितता मामले में उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की। मामले की जांच CBI कर रही है।

हाईकोर्ट ने जमानत क्यों नहीं दी?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने आरोपी की ओर से जमानत की मांग की गई थी। अदालत ने मामले के तथ्यों और आरोपों को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले से जांच एजेंसियों के लिए मामले की आगे की जांच का रास्ता खुला रहता है।
परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रश्नपत्र की गोपनीयता और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में कथित पेपर लीक का आरोप सामने आने पर छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच भी चिंता पैदा होती है।

छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में युवा शामिल होते हैं। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। यदि किसी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक या गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग का आरोप सामने आता है, तो इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

इसी वजह से इस मामले में अदालत की कार्यवाही पर छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं की भी नजर बनी हुई है।






