एक करोड़ के जेवरात की उठाईगिरी का खुलासा, ओडिशा से 46 लाख के आभूषण बरामद

500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने जोड़ी कड़ियां, छत्तीसगढ़ से झारखंड और ओडिशा तक चला जांच अभियान
अंबिकापुर/सीतापुर। सीतापुर में सराफा कारोबारी से करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात से भरा बैग पार करने के मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कई राज्यों में जांच करते हुए ओडिशा के गंजाम जिले तक आरोपियों के तार जोड़े। पुलिस ने एक संदिग्ध के घर से करीब 46 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। हालांकि वारदात में शामिल आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार सीतापुर के हाईस्कूल के पास काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स का संचालन करने वाले अरुणदेव सोनी 26 जुलाई को करीब 11.30 बजे स्कूटी से दुकान पहुंचे थे। उनके पास जेवरात से भरा बैग था। स्कूटी में बैग रखने के बाद वे दुकान का शटर खोलने लगे। इसी दौरान अज्ञात बदमाश बैग लेकर मौके से फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण होने की जानकारी सामने आई थी। शिकायत के बाद सीतापुर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

दो बाइक पर चार संदिग्धों की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में साइबर सेल और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई।
घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की जांच में दो मोटरसाइकिलों पर चार संदिग्ध वारदात के बाद भागते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने उनके संभावित भागने के रास्तों पर लगे कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किया।
जांच टीम ने सरगुजा के गेरसा से लेकर जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी और सिंगीबहार, झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली और सिमडेगा तथा ओडिशा के सुंदरगढ़ समेत कई इलाकों में CCTV फुटेज की जांच की। करीब 500 कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान ओडिशा के गंजाम जिले के रहने वाले चांटी दास और नागेश्वर राव के रूप में की।
गंजाम में 10 दिन चला सर्च ऑपरेशन
संदिग्धों की पहचान के बाद सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीम ओडिशा पहुंची। आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा, डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल, एएसपी रितेश चौधरी और सीएसपी राहुल बंसल के मार्गदर्शन में स्थानीय पुलिस के सहयोग से करीब 10 दिनों तक संभावित ठिकानों पर तलाश की गई।
पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध चांटी दास 16 अगस्त की रात अपने घर पहुंचा है। इसके बाद संयुक्त टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में उसके घर की तलाशी ली। आरोपी मौके पर नहीं मिला, लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को सीतापुर से चोरी किए गए जेवरात में से बड़ी मात्रा में आभूषण बरामद हो गए।
300 ग्राम से ज्यादा सोना और 1 किलो से अधिक चांदी
पुलिस के मुताबिक आरोपी के घर से 300.92 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 43 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण भी मिले, जिनकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये आंकी गई है।
इस तरह पुलिस ने कुल करीब 46 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए हैं। अब पुलिस वारदात में शामिल चांटी दास, नागेश्वर राव समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी हुए शेष आभूषणों की बरामदगी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
पूरे मामले की जांच में साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, अमन पुरी, राहुल केरकेट्टा और अशोक यादव सहित सीतापुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह, उपनिरीक्षक रघुनाथ भगत, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अनिल कुमार, प्रधान आरक्षक तीजराम पैंकरा, आरक्षक राकेश यादव और महेंद्र नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
थाना मणिपुर के आरक्षक उमाशंकर साहू और कुशकुमार सोनी भी अभियान में शामिल रहे। वहीं ओडिशा पुलिस की स्थानीय टीम ने भी आरोपियों के ठिकानों की तलाश और तलाशी अभियान में सहयोग किया।
पुलिस का कहना है कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ शेष जेवरात की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है।







