Chhattisgarh

सरकारी अस्पतालों में दवाइयों का टोटा, बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा-

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान

एमसीबी। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी का मामला सामने आने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को कई आवश्यक दवाइयां अस्पताल से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में मेडिकल दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।

गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल उम्मीद का सबसे बड़ा सहारा होते हैं। शासन की ओर से अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यदि मरीजों को इलाज के दौरान बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा जा रहा है तो यह व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा करता है। बताया जा रहा है कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में कुछ जरूरी दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित है।

मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा अस्पताल में नहीं मिलने पर उन्हें बाहर की मेडिकल दुकानों का रुख करना पड़ता है। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

मरीजों को कब मिलेगी राहत?

मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल किया है कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उन्हें क्यों परेशान होना पड़ता है? आखिर कब तक अस्पतालों में दवाइयों की आपूर्ति पूरी तरह से सुनिश्चित होगी और मरीजों को राहत मिलेगी?

मामले की गंभीरता को देखते हुए सवाल

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और दवाइयों की कमी का मामला केवल एक जिले का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा करता है। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

जिले के सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में दवाइयों की कमी की शिकायतों के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अस्पतालों में दवाइयों की कमी

जिले के सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की भारी कमी देखी जा रही है। सामान्य बुखार, दर्द निवारक, एंटीबायोटिक से लेकर गंभीर बीमारियों की दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं।

मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी

दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल

स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जब दवाइयों की आपूर्ति के लिए बजट और व्यवस्था की गई है, तो दवाइयां आखिर जमीन पर क्यों नजर नहीं आ रही हैं?

समय पर समाधान की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दवाइयों की आपूर्ति में पारदर्शिता लाई जाए और अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

bulandmedia

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button