छत्तीसगढ़

पेयजल की संकट झेलता कोरवा जनजाति , सप्ताहभर से खराब इकलौता हैंडपंप; पी एच ई विभाग क्षेत्र से नदारद

एमसीबी। ग्राम पंचायत बरबसपुर के इंदिरा कॉलोनी वार्ड क्रमांक 9 में कोरवा जनजाति सहित अन्य आदिवासी परिवारों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। वार्ड में ग्रामीणों के पेयजल के लिए महज एक हैंडपंप उपलब्ध है, जो बीते करीब एक सप्ताह से खराब पड़ा हुआ है।

हैंडपंप खराब होने के कारण ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड में बड़ी संख्या में कोरवा जनजाति के परिवार निवास करते हैं, जो लंबे समय से इसी हैंडपंप पर पेयजल के लिए निर्भर हैं। हैंडपंप खराब होने के बाद इन परिवारों के सामने पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
समस्या को लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही पीएचई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद अब तक खराब हैंडपंप की मरम्मत नहीं कराई गई है।
फिलहाल ग्रामीणों को मोहल्ले में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के हैंडपंप से पानी भरकर गुजारा करना पड़ रहा है। एक ही वैकल्पिक हैंडपंप पर पूरी आबादी के निर्भर होने से सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी कतार लग जाती है। बारिश के मौसम में भी ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।


ग्रामीणों ने प्रशासन और पीएचई विभाग से मांग की है कि कोरवा जनजाति सहित आदिवासी परिवारों की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए खराब हैंडपंप की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही वार्ड में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा के लिए इस तरह परेशान न होना पड़े।

ग्रामीणों का सवाल,,एक सप्ताह से खराब हैंडपंप, आखिर जिम्मेदार कब लेंगे सुध?*

पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और पीएचई विभाग की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर कब तक खराब हैंडपंप को सुधारा जाता है और कोरवा जनजाति सहित अन्य आदिवासी परिवारों को पेयजल संकट से राहत मिलती है।

bulandmedia

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